पब्लिक ट्रांसपोर्ट

शुऐब जूंही बस मे चढ़े हमे उतारदिया, दूसरी बस मे चढ़े वहां से भी उतारदिया। यूं चढ़ते उतारते जैसे आदत बन गई। बस के अंदर लिखा था यहां ज़नाना टिकाती हैं दूसरी ओर लिखा था यहां मर्दाना पधारते हैं अब चूंकी हम ख़ुदा हैं तो कहां बैठे? भइ, कहां बैठे? जब पृथ्वी पर इ... [पूरी पोस्ट]
writer शुऐब
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[11 Jun 2009 10:52 AM]

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