दुनिया के तापमान से एक डिग्री ज़्यादा में जीते हुए
हर रोज़ बिना पढ़े वो उस लड़की के मेसेजेज़ 'इन बॉक्स' से डिलीट कर देता था जिनमे ज़िन्दगी के गूढ़ भावों को सरलीकृत अंदाज़ में लिखा होता था। जिनमे प्यार को किसी बेरोजगार कवि या शायर की चार पंक्तियों में परिभाषित किया होता था। संदेश जो सरल हास्य से लेकर भी...
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sanjay vyas
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[11 Jun 2009 06:06 AM]



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