तुम्हारा सुर्ख रंग मेरा भी रंग........

mahua नाराज़ हो तुम मुझसे......या इस नीली रौशनी से.....जो बिखरती तुम्हारे भी दरम्यां.....मेरी उदास तन्हाई से.....भोर में....तन्हाई के इस बियाबां आसमां में जब सुर्ख सूरज अपनी रौशनी बिखेरने की कोशिश करता है....थोड़ा सा डरता है......इस नीली रौशनाई से....मुट्ठ... [पूरी पोस्ट]
writer tanu sharma.joshi
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[09 Jun 2009 03:24 AM]

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