मिठलबरा: पार्ट टू
मिठलबरा - अब भी ज़िंदा है! हिंदी फिल्मों में सीक्वेल की परंपरा पुरानी है। लेकिन, किसी कालजयी उपन्यास का सीक्वेल भी लिखा गया हो, ऐसा सुनने में नहीं आता। लेकिन, प्रिंट पत्रकारिता के चंद मठाधीशों के चेहरों से नक़ाब उतारने में सफल मशहूर व्यंग्य उपन्यास म...
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पंकज शुक्ल
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[07 Jun 2009 14:10 PM]



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