गीत
कोई सपना है जिसे आंखों ने फ़िर पाया है , एक आइना है जिसमे तू नज़र आया है , रंग है रूप है ,कुछ धूप है जवानी की , याद है ,दर्द है ,कुछ प्यास हैंकहानी की , कितनी सांसों के उजाले में तुझे देखा है , मेरी तन्हाई में तू रौशनी की रेखा है , कितना सुख खोया है त...
[पूरी पोस्ट]
डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
23
0
0
0
2
[07 Jun 2009 11:19 AM]



Shuffle








