झूठे थे लेमार्क तुम

कोलाहल और तुम्हारी ही तरह झूठा था ‘ अंगोें की उपियोगिता ’ का वह सिद्धांत कि विलुप्त हो जाते हैं अनुपयोगी अंग और उपियोगियों का होता है भरपूर विकास ऐसा होता हकीकत में अगर क्यों विलुप्त हो जाती सदियों पहले, आदमी के शरीर से दुम दुम जिसकी पड़ती है जरूरत जिंदगी मे... [पूरी पोस्ट]
writer kaustubh
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[07 Jun 2009 11:04 AM]

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