अजीब दास्तां है ये...

गली करतार सिंह सोचा था, आज भी नहीं लिखूंगा...लेकिन ऐसा हो ना सका...सो एक बार फिर हाजिर हूं.... जून की तपती दुपहरियों के इस जानलेवा मौसम में दिल्ली अक्सर लुटी-पिटी और बेदिल सी दिखती है....तब भी ऐसा ही था...सुबह से गर्म हवा के थपेड़े औऱ चढ़ते सूरज के साथ धूप का मिजाज... [पूरी पोस्ट]
writer मिहिर
views
27
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
2
[06 Jun 2009 18:51 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix