बैठे रहे देर तलक तसव्वुरे जानां किये हुए
वर्ल्ड कप पिछली दो रातो से दस्तक दे रहा है ........इन सुबहो में भी दोपहर की मिलावट है ...आने वाले दिन का मिजाज दे देती है ..... दिल है कि रोज सुबह 'एक ब्रेक 'की अर्जी रोज सामने रख जिरह करता है ...ओर बेख्याली यूँ इस अंदाज में आमद ले रही है कि गोया कई...
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डॉ .अनुराग
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[05 Jun 2009 02:41 AM]



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