प्रेम गली से गुजरो तो

ठहाका एक अरसा बीत गया आप लोगों से मिले हुए. ये कहना भी कुछ सही नहीं है. कहना चाहिए एक अरसा हो गया आप लोगों को मुझ से मिले हुए. आप लोगों से तो मैं मिलता ही रहता हूँ. एक मुक्तक से अभी अभी मुक्त हुआ हूँ तो इस बार वही आपके हवाले-- दिल को दिल तक जाने में एक जमा... [पूरी पोस्ट]
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[04 Jun 2009 13:41 PM]

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