ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है: लताजी- नाजनीन 1951
लताजी के पता नहीं और कितने गीत हैं जो हमने सुने ही नहीं, जैसे जैसे खोजता हूं एक से एक लाजवाब नगीने मिलते जाते हैं। आज ऐसा ही एक और कम सुना-सुनाया जाने वाला गीत मिला है जो आपके लिये प्रस्तुत है। यह गीत फिल्म नाजनीन 1951 का है। गीतकार शकील संगीतकार गुल...
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सागर नाहर
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[04 Jun 2009 10:32 AM]



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