रोना छोड़ दिया है

Chashmebaddoor रज्जू रोया नहीं आज वह बदल गया है अब तक तो रोता ही रहा बिखरने की हालत छोड़ आज वह संभल गया है किसी गीत में बंगला न्यारा बन जाता है वास्तव में कुनबे भी बिखरे हैं. भावुकता का रूदन ज्ञान से सचेत हो जाता है. चाहतों की भी सीमाएँ अब बन गई है जो धीरे-धीरे बढ़... [पूरी पोस्ट]
writer अपराजिता
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[03 Jun 2009 11:38 AM]

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