मेरे दिल को दर्द से प्यार है...

मीत खुशियाँ तो बेवफा हैं, छोड़ चली जाती हैं, फूलों का क्या भरोसा, काँटों पर मुझे ऐतबार है, शायद तभी, मेरे दिल को दर्द से प्यार है... छाया में वो बात कहाँ साया भी खो जाता है, धूप की तपिश से ही तो, मन भी चमकदार है, शायद तभी, मेरे दिल को दर्द से प्यार है...... [पूरी पोस्ट]
writer मीत
views
27
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
10
[02 Jun 2009 06:07 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix