** वो.. ** (~जयंत)

Jayant Chaudhary घर के आँगन में , अपने से भी छोटे, एक कोने में , दबा , सिकुड़ा , बैठा था वो ... हवा में उड़ते , हर ओर से उठते , कोलाहल में , मधुर संगीत - रस, घोलता था वो ... हर आते जाते , सजे संवरे, आगन्तुक के नेत्रों में , उपेक्षा की छवि देख , सहता था वो ... अपने फटे... [पूरी पोस्ट]
writer Jayant Chaudhary
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[02 Jun 2009 00:23 AM]

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