बाबा नागार्जुन की कविताएँ - सन् १९६२ ई.
१९६२ युद्ध पर बाबा नागार्जुन ने कुछ कविताएँ लिखी थीं जो उस समय की पत्र-पत्रिकाओं में छपी थी। धर्मयुग के २३ दिसम्बर १९६२ अंक में छपी कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं :- तप्त लहू की धार बह चली वो निकले ज़हरीले कीडे़, लाल कमल से तप्त लहू की धार बह चली तुहिनाचल स...
[पूरी पोस्ट]
cmpershad
25
3
0
3
2
[01 Jun 2009 06:52 AM]



Shuffle








