मानवाधिकार बनाम नक्सलवाद से प्रेम
डॉ. बलदेवबार-बार कहा गया लिजलिजा झूठ भी ठौस और बेलौस सच में तब्दील हो जाता है, इतना नहीं तो उसे सामान्य मति के लोग सच की मानिंद समझने लगते हैं । देश और विदेश में विनायक सेन की रिहाई की माँग इसी फ़ार्मूले से की जा रही थी । माओवादियों और नक्सलियों की र...
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जयप्रकाश मानस
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[01 Jun 2009 05:33 AM]



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