समझदार को इशारा काफी !

आज माँ की बहुत याद आ रही है.... और उसका मौन... एक भी गलती हो जाने पर भयानक सज़ा मिलती....वह भी उसका अनंत मौन..... चारों दिशाओं में गहराती खामोशी.... और मेरे मन में हलचल.... मन ही मन चिल्लाती..... 'मम्मीईईईईईईईई ...... चिल्लाओ मुझ पर.... चीख चीख कर डाँ... [पूरी पोस्ट]
writer मीनाक्षी
views
56
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
12
[31 May 2009 02:48 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix