तसलीमा नसरीन की कविताएँ

Beyond The Second Sex (स्त्रीविमर्श) तसलीमा नसरीन की कविताएँ पिता, पति, पुत्र (अनुवादः शम्पा भट्टाचार्य) अगर तुम्हारा जन्म नारी के रूप मे हुआ है तोबचपन में तुम परशासन करेंगे पिताअगर तुम अपना बचपन बिता चुकी होनारी के रूप मेंतो जवानी में तुम परराज करेगा पतिअगर जवानी की दहलीज़पार कर चुकी ह... [पूरी पोस्ट]
writer कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
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[30 May 2009 08:36 AM]

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