लोकधर्मी शैली का सहज नाटक -"सदारमे"(रा.ना.वि.में)
नरहरी शास्त्री जैसे विख्यात और 'श्रीकृष्ण लीला ,कंसवध चरित्र,महात्मा कबीरदास,जालंधर,श्री कृष्णभूमि परिणय ,अदि पौराणिक नाटकों के लेखक की ही रचना है -'सदारमे'.जो आजकल राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के ग्रीष्मकालीन नाट्य महोत्सव में रंगमंडल द्वारा खेला जा रहा...
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मुन्ना के पांडेय(कुणाल)
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[28 May 2009 01:13 AM]



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