चार मिसरे-
चार मिसरे- मैं तुम्हारे ख़्वाबों का इक जहां बनाऊंगा। प्यार के मुरीदों का कारवां बनाऊंगा। मुझको तेरी साँसों की फूल सी छुवन की कसम- लौट के अगर आया- आसमां बनाऊंगा....
[पूरी पोस्ट]
आनंदकृष्ण
27
2
0
2
4
[27 May 2009 12:11 PM]



Shuffle








