श्रम संस्कृति के किसान कथाकार विवेकी राय
भोजपुरी के प्रथम ललित निबंधकार एवं आलोचक विवेकी राय ग्राम जीवन और लोक संस्कृति के प्रति समर्पित एक ऐसे कथाकार हैं जिनका कृतित्व वैविध्यपूर्ण एवं बहुआयामी है। वे स्वयं अपने आपको ‘किसान साहित्यकार’ कहते हैं। वे अपनी ज़मीन से इस तरह जुड़े हुए हैं कि उनक...
[पूरी पोस्ट]
गुर्रमकोंडा नीरजा
21
0
0
0
0
[27 May 2009 09:52 AM]



Shuffle








