नाम फैशन का
जब से दुनियाँ आपको , आधुनिक कहने लगी | बस उसी पल से तुम्हारी , बिजलियाँ गिरने लगी | तन ढाका करता था पूरा, जब तलक आभाव था | अब बचे कतरन से दौलत , बे-सबब बहने लगी | मेरी सराफत भी उन्हें , अब चाल सी लगाने लगी | जब से घर की लाज बाहर, रात तक रहने लगी | दा...
[पूरी पोस्ट]
Tapashwani Anand
21
2
0
2
2
[27 May 2009 06:42 AM]



Shuffle








