अप्रासँगिक स्वगत कथन

कुछ तो है.....जो कि ! * सुबह सुबह अख़बार पढ़ दिन ख़राब करने से बेहतर लत है, चिट्ठाचर्चा ! आदत के मुताबिक आज भी पलटाया तो ..   " उपस्थित श्रीमान /  मैडम  साथ एक बेहतरीन लिंक लेकर अनूप जी को पाता हूँ, ” जो कि स्वयँ में चर्चाकार का ही टैगलाइन है, और बहुत अच्छा... [पूरी पोस्ट]
writer डा. अमर कुमार
views
12
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[07 May 2009 02:38 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix