जीवनदास को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये

कुछ तो है.....जो कि ! * बड़े दिनों से यह “ चलता रहे.. चलता रहे.. “ देख व सुन रहा हूँ । यूँ तो मैं ’ निट्ठल्ला इफ़ेक्ट ’ से इतना पका हुआ हूँ कि, टेलीविज़न बहुत ही कम देखता हूँ । एक म्यान में दो तलवारें वैसे भी कहाँ रह पाती हैं ? अरे, निगोड़ी ब्लागिंग को शामिल न भी करें, तो भी आप... [पूरी पोस्ट]
writer डा. अमर कुमार
views
8
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[17 May 2009 17:58 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix