शहंशाह ने दिया तोहफ़ा
अभी सप्ताह भर पटना में रहा, छोटी सी मुलाकात में शहंशाह आलम ने अपनी नयी पुस्तक ‘ अ च्छे दिनों में ऊँटनियों का कोरस’ भेंट किया। इसके पूर्व उनकी दो अन्य संग्रह प्रकाशित हो चुकी है, ’गर दादी की कोई खबर आए’(1993) और ‘अभी शेष है पृथ्वी राग’ (1995)। अभी प्र...
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अरविन्द श्रीवास्तव
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[25 May 2009 00:24 AM]



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