जिन्दगी के कुछ टुकड़े ......जो गिर गए कहीं

मेरे आस-पास मेरा एक टुकड़ा मैले दिनों की सीड़ियों में गिर गया है। मेरा एक टुकड़ा खुश रंग आंखों के प्याले में गिर गया है। मेरा एक टुकड़ा बरसात के मौसम में , जुदायी में गिर गया है। मेरा एक टुकड़ा एक छोटी सी भूल के किनारे गिर गया है।मेरा एक टुकड़ा खामोशी के बीच गिर गया ह... [पूरी पोस्ट]
writer MANVINDER BHIMBER
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[24 May 2009 03:56 AM]

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