एक गीत : जिसको दुनिया के मेले में ....

गीत  ग़ज़ल  औ गीतिका जिसको दुनिया के मेले में ढूढा किया घर के आँगन के कोने मिली जिन्दगी उम्र यूँ ही कटी भागते - दौड़ते जिन्दगी खो गई जाने किस मोडे पे 'स्वर्ण-मृगया' के पीछे कहाँ आ गए ! रिश्ते-नाते ,घर-बार सब छोड़ के प्यास फिर भी मेरी अनबुझी रह गई आकर पनघट पर ,प्यासी रही ज... [पूरी पोस्ट]
writer आनन्द पाठक
views
23
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
6
[23 May 2009 12:22 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix