अज्ञात

किस्सा-कहानी यादों की नागफनी सी चुभती रात, होंठों पर पथराती अंतस की बात। सब कुछ विष बोरा सा , सब कुछ बदरंग, ख़त्म नहीं होता है , दर्द का प्रसंग। ( यह रचना भी बुद्धिनाथ मिश्र की है, जो याद रहती है.)... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना अवस्थी दुबे
views
18
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
7
[21 May 2009 08:15 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix