तेरे सिवा कोई और नहीं...

POEM OF SOUL तेरा साथ रहा है ऐसे विष रस भरा कनक घर जैसे सारी दुनिया कहे जहर है मैं पी जाऊं मीरा जैसे। प्यार किया है मैंने ऐसे राधा, श्याम को चाहे जैसे, विरह में तेरे जलती हूं ऐसे बिना राम के सीता जैसे। तेरे सिवा कोई और नहीं है, और किसी को चाहूं कैसे। (ये कविता मे... [पूरी पोस्ट]
writer Nitish Raj
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[19 May 2009 21:41 PM]

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