ग़ज़ल - लापता लोग भी मंजिल का पता देते हैं
लापता लोग भी मंजिल का पता देते हैं डूबने वाले ही साहिल का पता देते हैं ऐसे - ऐसे भी यहाँ कितने ही कातिल है कि , जो कत्ल करते हैं औ बिस्मिल का पता देते है कोई जब पूछता है हमसे कहाँ रहते हो पूछने वाले को हम दिल का पता देते हैं आपके हंसने - हंसाने के अज...
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kavideepakgupta
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[18 May 2009 10:39 AM]



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