अब इन नतीजों को क्या कहें
नीरज नैयर हम हिंदुस्तानियों की आदत कोठे पर बैठी उस तवायफ की माफिक है जो अपने पेशे को रोज गालियां देती है, मार खाती है, जिल्लत सहती है लेकिन कभी उसे छोड़ने का साहस नहीं दिखा पाती. तवायफ की मजबूरी तो फिर भी एक बारगी समझी जा सकती है कि उसके पास दूसरा कोई...
[पूरी पोस्ट]
Neeraj Nayyar
24
2
0
2
2
[16 May 2009 14:15 PM]



Shuffle








