एक और छल?

INKLING शारदा जी, रंजना जी और आर्यन तीनों के हौसलाआफजाई के बाद लगातार दूसरी कविता। एक और छल? -------------- मान लो मैं बैठे बैठे मर जाऊं मान लो मर कर मैं स्वर्ग जाऊं मान लो देव खुद मिलने आएं मान लो मिल कर अफसोस जताएं मान लो मुझसे पूछें वो सवाल जमीं पर कोई क्... [पूरी पोस्ट]
writer Sanjay Sinha
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[15 May 2009 08:19 AM]

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