अजीब है यह तहजीब भी
यह तहजीब भी अजीब सी लगती है, रकीब की शक्ल भी हबीब सी लगती है। * आईना भी गफ़लत में डालता है हमें, अपना अक्स भी उनकी तस्वीर सी लगती है। इस दुनिया का दस्तूर भी निराला है, प्यादे की औकात भी वजीर सी लगती है। जिंदगी से मैं परेशान तो नहीं, सांसे मगर जं...
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भारत मल्होत्रा
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[15 May 2009 08:03 AM]



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