तुम दीया हो, मैं हूं बाती सनम........

MERA SAGAR हम एक सफर के, साथी सनम, तुम दीया हो, मैं हूं बाती सनम, दिल के चमन में, जब खिलते गुलाब, कांटों के संग, खुशबू आती सनम। जीवन में साथ, निभाने की कसमें, पत्थर में, नाम लिखाने की रसमें, वो दरख़तों के नीचे, शाम बितानी सनम, हम एक सफर के, साथी सनम, तुम दीया ह... [पूरी पोस्ट]
writer PREETI BARTHWAL
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[14 May 2009 20:46 PM]

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