कृष्णा सोबती से बातचीत
जिंदगीनामा से लेकर समय सरगम तक फैला रचना संसार उनकी कलम के जादू का गवाह है। उनसे बात करना एक विलक्षण अनुभव है । हालाँकि वे आसानी से बातचीत के लिए तैयार नहीं होतीं , लेकिन बात शुरू हो जाए तो फ़िर बेलाग बोलती हैं । हमने भी जब कृष्णा जी को बात चित के लिए...
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Arun Aditya
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[11 May 2009 07:22 AM]



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