विनीत की सार्थक टिपण्णी
विनीत कुमार मीडिया के अध्ययेता हैं। उन्होंने एक माकूल टिप्पणी की है। उसे अविकल दे रहा हूँ जिससे बात आगे बढ़े। हिन्दी मीडिया के उपर ये बात भले ही लागू होती हो कि संचार को सबसे पहले समझने और विश्लेषित करने का काम साहित्य के लोगों ने किया। इसकी बड़ी वजह...
[पूरी पोस्ट]
राम प्रकाश द्विवेदी
30
4
0
4
0
[11 May 2009 02:12 AM]



Shuffle








