तुम्हारी ज़िदगी की गज़ल का सबसे रंगीन क़ाफ़िया........
लोग कहते.....क्या करना चाहते हो......ज़िदगी मे कितना आगे जाना चाहते हो.....सबका....हरकिसी का अपना कोई ना कोई सपना ज़रुर होता है...कोई ऐसा नहीं........जिसका कोई सपना नहीं होता.......मेरे अंदर भी कई सपने....जिन्हें मैं साथ-साथ बड़ा होते देखती....उन्हें...
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tanu sharma.joshi
तुम......
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[10 May 2009 23:47 PM]



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