तड़पने की दरखास्त

कुछ लम्हे तड़पने की दरखास्त" कागज की सतह पर बैठ लफ्जो ने जज्बात से तड़पने की दरखास्त की है विचलित मन ने बेबस हो प्रतीक्षा की बिखरी किरचों को समेट बीते लम्हों से कुछ बात की है.. यादो के गलियारे से निकल ख्वाइशों के अधूरे प्रतिबिम्बों ने रुसवा हो उपहास की बरसात क... [पूरी पोस्ट]
writer seema gupta
views
42
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
25
[10 May 2009 21:36 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix