शिमला पहुँची उड़नतश्तरी
सर्रर्रर्रर्रर्रर करती आई उड़नतश्तरी और दिल में उतर गई। समीर भाई के काव्य संग्रह "बिखरे मोती" ने मेरे दिल की कई तहों को खंगाला, कुरेदा, और मेरी स्मृतियाँ बरसों पुरानी दास्तानें कहने लगीं! : -प्रकाश बादल " हैलो सर मैं कुरियर सर्विस से बोल रहा हूँ ! आप...
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प्रकाश बादल
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[10 May 2009 08:07 AM]



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