"ऐसी होती है माँ"

किस्सा-कहानी तेरे दामन में सितारे हैं, तो होंगे ऐ फलक, मुझको अपनी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी। लबों पे उसके कभी बददुआ नहीं होती, बस एक माँ है जो मुझसे खफा नहीं होती। ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता, मैं जब तक घर न लौटूं, मेरी माँ सज़दे में रहती है। (... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना अवस्थी दुबे
views
24
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
9
[10 May 2009 06:04 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix