ऐ मां तेरी सूरत से बढकर भगवान की सूरत क्‍या होगी...

अ-शब्‍द बेसन की सोंधी रोटी पर, खटी चटनी जैसी मां, याद आती है, चौका बासन, चिमटा-फुंकनी जैसी मां, बीवी, बेटी, बहन पडोसन थोडी-थोडी सबमें दिनभर एक रस्‍सी के उपर चलती नटनी जैसी मां। निदा फाजली साहब की इन पंक्तियों के साथ मदर्स डे पर पेश है यह तस्‍वीर-... [पूरी पोस्ट]
writer ashabd
views
26
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
3
[09 May 2009 13:57 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix