भारतीय शिक्षा व्यवस्था :अतीत से वर्तमान का सफ़र
गतांक से आगे .... गुप्तकालीन भारत तक शिक्षा की प्रगति अबाध गति तक चलती रही .लौकिक साहित्य की सर्जना के लिए गुप्त काल स्मरणीय माना जाता है .शूद्रक का मृच्छ कटिक,कालिदास का अभिज्ञान शाकुंतलम ,अमर सिंह का अमरकोश इस काल की वे सर्वश्रेष्ठ रचनाएँ थी ,जो की...
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डॉ. मनोज मिश्र
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[09 May 2009 10:06 AM]



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