क्या चुनोगे तुम ?

हिमाल : अपना-पहाड़ तुम गलत हो तुम सही नहीं क्या बात करते हो ? तुम्हें तमीज़ ही नहीं ! मेरी बात सुनो ध्यान से ऐसा करो, वैसा नहीं कान खोल कर सुन लो... तुम मैं जो कह रहा हूं। तुमसे कौन सा काम सही होगा ? इतने ढेर सारे शब्द हैं इससे भी अधिक हो सकते हैं लेकिन देते तो बस... द... [पूरी पोस्ट]
writer जितेंद्र भट्ट

मेरी रचना

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[08 May 2009 04:22 AM]

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