कर्म का महत्व
रुको नहीं, थको नहीं, रुकना नहीं कर्म है, थकना नहीं धर्म है । चलते रहो चलते रहो, चलना हीं तो कर्म है । रवि रुक जाये अगर, प्रकृति में हो जाये प्रलय । चाहते हो अगर जीतना तो, समझो कर्म के महत्व को । कर्म हीं है जिन्दगी, मानवता कर्म है, मातृत्व हीं तो कर्...
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चंदन कुमार झा
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[06 May 2009 10:02 AM]



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