प्रज्ज्वलित है पलाश आज

swati : रेगिस्तान में पड़ रही है बर्फ प्रज्ज्वलित है पलाश आज ..... फ़िर से उठी है उमस अलसाई सी घास निर्निमेष निहारती अरुण पुष्पों के कटाव पलाश का हर उतार - चढाव कच्चे कोपलों की अग्नि में ज्यों निष्ठुर का तप्त छल और हर अन्तर का पराग ज्यों प्रिय का चिर अनुराग प्रज्ज्वलित है पलाश आज ........... [पूरी पोस्ट]
writer swati
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[05 May 2009 07:39 AM]

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