बुरा सपना या सच!

मंतव्य कल रात हड़बड़ा कर जाग गया था. कुछ देर सोचता रहा कि क्या हुआ है! कुछ क्षणों के बाद जब नींद से पूरी तरह से बाहर आया तो पाया कि रात अभी गहराई हुई ही है, और सब सो रहे हैं. मैने एक सपना देखा था, और वह सपना पूरा होता उससे पहले जाग गया. लेकिन [...]... [पूरी पोस्ट]
writer पंकज बेंगाणी
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[05 May 2009 07:06 AM]

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