एक कविता जो अभी लिखी गयी

UDAY PRAKASH ।। दुख।। अंधेरे में जब कोई और नहीं होता था सबसे अधिक उजाला उनके इर्दगिर्द ही होता सबसे साफ़ दिखाई देते थे वही कोहरे या धुएं के पार धुंधले मैले आकाश में जैसे दिखते हैं सितारे कोई कोई उनमें से सबसे तेज़ चमकता है सबसे अलग अपने ही रंग में जलता कोई नक्षत्र... [पूरी पोस्ट]
writer Uday Prakash
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[03 May 2009 13:10 PM]

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