मैं बस यह किनारा नहीं छोड़ पाया ...

प्रकाश पाखी सारे तरीके आजमा लिए थे .. बस, एक सितारा नही तोड़ पाया उस पार से किसीने किए थे इशारे काफ़ी मैं बस यह किनारा नही छोड़ पाया सपने भी थे ,थी मंजिले वहीं जा रहे थे वहां कारवां कई और ये मेरी बुजदिली थी कि मैं एक आशियाँ नही छोड़ पाया किसी ने रात के अंधेरे में र... [पूरी पोस्ट]
writer abhivyakti
views
10
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[27 Mar 2009 23:42 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix