मुझसे प्यार करो माँ...!

प्रकाश पाखी रेत का तकिया घर में भाई आया है,इस बात का उत्सव पूरा कुटुंब मना रहा था. सुबह उठने के बाद किसी ने मुझसे नहीं पूछा कि मैंने दूध भी पिया है कि नहीं. तब मैं इतनी छोटी थी कि ज्यादा याद नहीं है.हाँ,इतना याद है कि कुटम्ब के सारे लोग बहुत खुश थे.दादी खुश होकर... [पूरी पोस्ट]
writer abhivyakti
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[05 Apr 2009 07:38 AM]

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