ऐ मनमोहन जी; अब जुट्ठे काहे टेँटिया रहे हैँ
जब आप परधानमँतरी बने थे तो उसका क्रेडिट आपको जाने के वजाय आपके मैडम श्रीमती सोनियाँ गाँधी को चला गया था. आपका प्रधानमँतरी बनना सोनिया के लिए त्याग का उदाहरण बन गया. क्या फायदा हुआ आपका ओक्स्फोर्ड से सिक्षा ग्रहण करके. कैँब्रिज के एक दाई को सारा क्रेड...
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आदि यायावर
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[25 Oct 2007 09:13 AM]



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