मिथिला: जहाँ ताजिए की पूजा होती है धूप-दीप और नेवैद्य से
हिन्दू-मुस्लिम एकता का उदाहरण बोला जाता है कि सभ्यता और सँस्कृति पानी की तरह है जिसमे यदि कोई रुकावट नही आए तो अपना रास्ता खूद ही ढूँढ लेती है. जहाँ दूनियाँ के विभिन्न समुदाय आपस मे लड़ते मरते रहते हैँ. मिथिला मे ताजिए की पूजा होती है.&nbs...
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आदि यायावर
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[21 Jan 2008 00:08 AM]



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